यही जानने के लिए मैंने Gemini के Android ऐप में Gemini 3.6 Flash चुनकर तस्वीर बनाने और बदलने के 10 अलग-अलग टेस्ट किए। इनमें स्मार्टफोन की तस्वीरें, बिल्कुल सही लिखावट, सिर्फ स्क्रीन बदलना, पुरानी तस्वीर से नया सीन बनाना, इन्फोग्राफिक, कई चीज़ों वाला सीन और एक साथ कई बदलाव जैसी चीज़ें शामिल थीं।
Nano Banana 2.1 क्या है?
Nano Banana 2.1 Google का तस्वीर बनाने वाला और बातचीत के ज़रिए तस्वीर बदलने वाला मॉडल है। Google DeepMind के अनुसार यह Gemini 3 सीरीज़ का हिस्सा है और Gemini 3.6 Flash पर आधारित है।
Google के डेवलपर पेज पर इसका स्थायी मॉडल ID gemini-nano-banana-2.1 दिया गया है। इसे Nano Banana 2 का नया रूप बताया गया है, जिसमें तस्वीर की क्वालिटी, निर्देश समझने की क्षमता, लिखावट बनाना और एकरूपता बेहतर की गई है।
यह सिर्फ नई तस्वीर बनाने के लिए नहीं है। आप कोई तस्वीर डालकर बातचीत की तरह उसमें बदलाव भी करवा सकते हैं। जैसे स्मार्टफोन की स्क्रीन बदलना, पीछे का हिस्सा बदलना, किसी चीज़ का रंग बदलना या बिल्कुल नया सीन बनवाना।
Nano Banana 2.1 और Gemini 3.6 Flash का आपस में क्या संबंध है?
यह हिस्सा थोड़ा उलझाने वाला हो सकता है, इसलिए आसान शब्दों में समझिए। Google DeepMind के अनुसार Nano Banana 2.1, Gemini 3.6 Flash पर बना तस्वीर बनाने और बातचीत से बदलने वाला मॉडल है।
मॉडल कार्ड साफ कहता है कि Nano Banana 2.1 Gemini 3.6 Flash पर आधारित है। लेकिन आम लोगों के लिए बने Gemini ऐप के Help पेज में अभी Flash के साथ “Nano Banana 2” नाम चल रहा है।
इसलिए मैं यह दावा नहीं कर रहा कि ऐप में किया गया हर निर्देश अलग से Nano Banana 2.1 की ID से जाँचा गया था। मेरे टेस्ट में जो पक्का है, वह यह कि मैंने Gemini Android ऐप में Gemini 3.6 Flash चुनकर ये सारे टेस्ट किए।
मैंने ये टेस्ट कैसे किए?
मैंने सिर्फ एक सुंदर तस्वीर बनवाकर रिव्यू नहीं लिख दिया। मेरा मकसद यह देखना था कि अलग-अलग हालात में यह मॉडल कितना भरोसेमंद है।
मेरे 10 टेस्ट का अनुभव
टेस्ट 1: सही लिखावट के साथ स्मार्टफोन की तस्वीर
पहले टेस्ट में मैंने Gemini से स्मार्टफोन की एक असली जैसी तस्वीर बनाने को कहा, जिसमें यह अंग्रेज़ी लाइन बिल्कुल वैसी ही लिखी हो:
यह टेस्ट मैंने इसलिए किया क्योंकि AI की तस्वीरों में लिखावट सही आना सबसे बड़ी ज़रूरतों में से एक है। इस बार नतीजा अच्छा रहा। स्मार्टफोन असली जैसा दिखा और माँगी गई लाइन भी सही आई।
पहले टेस्ट में Gemini से असली जैसी स्मार्टफोन तस्वीर और बिल्कुल सही लिखावट बनाने को कहा गया।
टेस्ट 2: सिर्फ स्मार्टफोन की स्क्रीन बदलना
अब मैंने मुश्किल थोड़ी बढ़ाई। पहले से बनी तस्वीर में सिर्फ स्मार्टफोन की स्क्रीन बदलने को कहा और बाकी सब कुछ जैसा था वैसा ही रखने को कहा।
इस टेस्ट में Gemini ने स्क्रीन बदल दी और बाकी तस्वीर को काफी हद तक वैसा ही रखा।
दूसरे टेस्ट में सिर्फ स्मार्टफोन की स्क्रीन बदलने को कहा गया, बाकी तस्वीर वैसी ही रखनी थी।
टेस्ट 3: हिंदी और अंग्रेज़ी लिखावट वाली सुरक्षा तस्वीर
मैंने स्मार्टफोन की सुरक्षा पर एक तस्वीर बनवाई। इसमें हिंदी की यह लाइन “स्मार्टफोन सुरक्षा टिप्स” और अंग्रेज़ी की यह लाइन “Keep your phone updated” लिखवाई, साथ में सुरक्षा, निजता और अपडेट से जुड़े आइकन भी माँगे।
लिखावट और आइकन सही आए। लेकिन डिज़ाइन मुझे बहुत ऊँचे दर्जे का नहीं लगा। तस्वीर काम चलाने लायक थी, पर किसी बड़ी कंपनी के विज्ञापन जैसी चमकदार नहीं थी।
टेस्ट 4: प्रीमियम स्मार्टफोन विज्ञापन
अब मैंने ज़्यादा बारीकी से समझाकर निर्देश दिया। लक्ष्य था एक असली जैसा, महँगे Android फोन का विज्ञापन, जिसमें अंग्रेज़ी की ये लाइनें हों: “SMARTPHONE SECURITY” और “Protect Your Privacy.”
यह नतीजा पिछले सुरक्षा पोस्टर से काफी बेहतर निकला। रोशनी अच्छी थी, फोन पर पड़ती चमक असली जैसी लगी और पूरा विज्ञापन प्रीमियम दिखा। लिखावट भी साफ पढ़ी जा रही थी।
विस्तार से लिखे निर्देश के बाद बना प्रीमियम स्मार्टफोन विज्ञापन हमारे सबसे अच्छे नतीजों में से एक रहा।
टेस्ट 5: पुरानी तस्वीर से नया सीन बनाना
मैंने टेस्ट 4 की तस्वीर को आधार बनाया। मैं चाहता था कि वही स्मार्टफोन एक अलग सीन में दिखे और उस पर “ANDROID SECURITY” और “Stay Protected.” लिखा हो।
इस बार नतीजा पूरी तरह सही नहीं था। फोन की पहचान काफी हद तक वही रही, लेकिन दो साफ गड़बड़ियाँ दिखीं। पहली, फोन मेज़ के ऊपर थोड़ा हवा में तैरता हुआ लग रहा था। दूसरी, फोन की आगे वाली स्क्रीन पर पीछे वाले कैमरे जैसी बनावट दिख रही थी।
पुरानी तस्वीर से नया सीन बनवाते समय स्मार्टफोन में दो साफ गड़बड़ियाँ दिखीं।
टेस्ट 6: उसी गलत तस्वीर को दोबारा ठीक करवाना
मैंने टेस्ट 5 की तस्वीर फिर से डाली। इस बार साफ कहा कि सिर्फ स्मार्टफोन की स्क्रीन ठीक करनी है और बाकी सब वैसा ही रहने देना है।
नतीजा काफी अच्छा रहा। पीछे वाले कैमरे जैसी गलत बनावट हट गई और बाकी सीन को बेवजह छेड़ना नहीं पड़ा।
यह मेरे लिए इसलिए मायने रखता है क्योंकि असल काम में पहली तस्वीर हमेशा सही नहीं आती। एक अच्छे मॉडल को पहली तस्वीर के साथ-साथ बाद में सुधार करने में भी काम आना चाहिए।
उसी तस्वीर को दोबारा डालकर सिर्फ गलत स्क्रीन को ठीक करवाने का टेस्ट किया गया।
टेस्ट 7: उसी स्मार्टफोन को नए ऑफिस के सीन में रखना
अब मैंने सुधारी हुई तस्वीर से एक नया सीन बनवाया। इस बार स्मार्टफोन के साथ लैपटॉप, ऑफिस का माहौल, असली जैसी मेज़ और प्राकृतिक परछाईं माँगी। लिखावट थी “SMARTPHONE PRIVACY” और “Protect Your Data.”
इस बार स्मार्टफोन का डिज़ाइन सही रहा और वह मेज़ पर सही तरह से रखा हुआ दिखा। पीछे का माहौल भी अच्छा था। बाकी चीज़ों की जगह हर बार बिल्कुल एक जैसी नहीं रही, लेकिन इस टेस्ट का मकसद पुराने सीन की हू-ब-हू नकल बनाना था ही नहीं।
टेस्ट 8: स्मार्टफोन सुरक्षा इन्फोग्राफिक
मैंने स्मार्टफोन की सुरक्षा पर एक इन्फोग्राफिक बनवाया, जिसमें चार हिस्से थे:
इस टेस्ट में माँगी गई लिखावट सही आई। वर्तनी की कोई गलती नहीं दिखी और हिस्से व आइकन भी साफ थे। लेकिन इन्फोग्राफिक का ढाँचा मुझे किसी पेशेवर, प्रीमियम डिज़ाइन जैसा नहीं लगा।
इन्फोग्राफिक टेस्ट में सारी माँगी गई लिखावट सही आई, लेकिन डिज़ाइन हमें सामान्य लगा।
टेस्ट 9: कई चीज़ों वाली असली जैसी टेक डेस्क
मैंने एक महँगा Android फोन, लकड़ी की मेज़, पीछे थोड़ा बाईं तरफ बंद चाँदी रंग का लैपटॉप, और दाईं तरफ नोटबुक व पेन वाली एक असली जैसी डेस्क माँगी। साथ में कहा कि चीज़ें एक-दूसरे पर चढ़ी न हों, उनके बीच ठीक-ठाक दूरी हो, परछाइयाँ प्राकृतिक हों और पूरा माहौल प्रीमियम ऑफिस जैसा लगे।
इस बार नतीजा बहुत अच्छा आया। सारी मुख्य चीज़ें सही दिखीं और पूरा दृश्य असली जैसा लगा।
टेस्ट 10: एक ही निर्देश में तीन बदलाव
यह सबसे कठिन टेस्टों में से एक था। मैंने टेस्ट 9 की तस्वीर डालकर एक साथ तीन बदलाव माँगे:
- स्मार्टफोन की बॉडी को मैट काला करना
- नोटबुक को स्मार्टफोन के थोड़ा और पास लाना
- पेन की जगह एक सादा काला मेटल पेन लगाना
साथ में बाकी तस्वीर को वैसा ही रखने को भी कहा। नतीजा निराश करने वाला रहा। तस्वीर देखने पर माँगे गए बदलाव लगभग दिखे ही नहीं। यानी एक ही निर्देश में कई बारीक बदलाव उतनी सटीकता से नहीं हुए, जितनी मुझे उम्मीद थी।
एक ही निर्देश में कई बदलाव माँगने पर Gemini ने उम्मीद के मुताबिक बदलाव नहीं किए।
10 टेस्ट का पूरा नतीजा
| टेस्ट | काम | नतीजा |
|---|---|---|
| 1 | सही अंग्रेज़ी लिखावट वाली स्मार्टफोन तस्वीर | ✅ सफल |
| 2 | सिर्फ स्क्रीन बदलना | ✅ बहुत अच्छा |
| 3 | हिंदी + अंग्रेज़ी सुरक्षा पोस्टर | ✅ लिखावट सही, डिज़ाइन सामान्य |
| 4 | प्रीमियम स्मार्टफोन विज्ञापन | ✅ बहुत अच्छा |
| 5 | पुरानी तस्वीर से नया सीन | ⚠️ तस्वीर में गड़बड़ियाँ |
| 6 | खराब स्क्रीन को दोबारा ठीक करना | ✅ सफल |
| 7 | वही स्मार्टफोन + नया ऑफिस सीन | ✅ अच्छा |
| 8 | सुरक्षा इन्फोग्राफिक | ✅ लिखावट सही, ढाँचा सामान्य |
| 9 | कई चीज़ों वाली टेक डेस्क | ✅ बहुत अच्छा |
| 10 | एक साथ 3 बदलाव | ❌ असफल |
मेरे टेस्ट में कहाँ अच्छा काम किया?
कहाँ दिक्कत आई?
टेस्ट 5 में स्मार्टफोन मेज़ पर ठीक से बैठा नहीं लगा और स्क्रीन पर कैमरे की गलत बनावट आ गई।
टेस्ट 3 और टेस्ट 8 में लिखावट सही थी, लेकिन डिज़ाइन उतना निखरा हुआ नहीं लगा जितना किसी पेशेवर डिज़ाइनर के बनाए ग्राफिक में मिलता है।
टेस्ट 10 में तीन छोटे बदलाव एक साथ माँगे गए, लेकिन चाहा हुआ नतीजा नहीं मिला।
Google के अनुसार Nano Banana 2.1 में क्या खास है?
मेरे अपने टेस्ट के अलावा, Google के आधिकारिक दस्तावेज़ों में Nano Banana 2.1 की ये खूबियाँ बताई गई हैं: तस्वीर की बेहतर क्वालिटी और असलियत, निर्देश को बेहतर समझना, लिखावट बनाना, बातचीत में कई बार बदलाव के बाद भी एकरूपता, 1K/2K/4K आकार की तस्वीरें और कई संदर्भ तस्वीरों का इस्तेमाल।
डेवलपर वाले दस्तावेज़ में बातचीत से बदलाव के साथ-साथ Google Web और Image Search की मदद, और सोचने के स्तर तय करने जैसी API सुविधाएँ भी बताई गई हैं।
Nano Banana 2.1 की API कीमत कितनी है?
यह जानकारी खासकर डेवलपर्स के काम की है। Google Gemini API की मौजूदा कीमतों के अनुसार Nano Banana 2.1 में तस्वीर बनाने की कीमत आकार के हिसाब से अलग-अलग है। 7 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध दरों के मुताबिक 1K तस्वीर की कीमत $0.0336, 2K की $0.0504 और 4K की $0.0756 है।
| तस्वीर का आकार | Nano Banana 2.1 | पुराना Nano Banana 2 | लगभग कमी |
|---|---|---|---|
| 1K | $0.0336 | $0.067 | लगभग 50% |
| 2K | $0.0504 | $0.101 | लगभग 50% |
| 4K | $0.0756 | $0.151 | लगभग 50% |
यहाँ एक बात समझना बहुत ज़रूरी है: ऊपर के आँकड़े सिर्फ तस्वीर बनाने वाले हिस्से की कीमत हैं, पूरी API request का कुल खर्च नहीं। इनपुट, लिखे हुए जवाब और सोचने की प्रक्रिया का खर्च और कुछ सुविधाओं की लागत अलग हो सकती है। इसलिए “कीमत आधी” को पूरे बिल की अपने आप 50% बचत मत मान लीजिए।
Nano Banana 2.1 और Nano Banana 2 में क्या फर्क है?
Google के API दस्तावेज़ों में Nano Banana 2.1 को Nano Banana 2 का नया रूप बताया गया है। पुराना Nano Banana 2 gemini-3.1-flash-image के नाम से दर्ज था, जबकि नए मॉडल की स्थायी ID gemini-nano-banana-2.1 है।
Google के अनुसार 2.1 में तस्वीर की क्वालिटी, निर्देश समझने, लिखावट बनाने और एकरूपता में सुधार किया गया है। डेवलपर दस्तावेज़ में 1K, 2K और 4K आकार, 14 तक संदर्भ तस्वीरें, Google Web और Image Search की मदद और सोचने के स्तर तय करने जैसी सुविधाएँ भी दी गई हैं। लेकिन इन API सुविधाओं को Gemini Android ऐप के हर विकल्प के बराबर नहीं समझना चाहिए।
एक और बदलाव उन लोगों के लिए ज़रूरी है जो पुराना मॉडल इस्तेमाल कर रहे हैं। Google की जानकारी के अनुसार gemini-3.1-flash-image, यानी Nano Banana 2, को 29 अक्टूबर 2026 को बंद किया जाना तय है और उसकी जगह gemini-nano-banana-2.1 इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसलिए जो डेवलपर्स पुराना मॉडल चला रहे हैं, उन्हें समय रहते नए मॉडल पर अपना काम जाँच लेना चाहिए।
आम Android यूज़र को मॉडल का नाम देखकर उलझन हो सकती है। ऐप में दिख रहे नाम को देखकर पीछे चल रहे मॉडल की सही ID का अंदाज़ा लगाना ठीक नहीं होगा।
Gemini Android ऐप में AI तस्वीर कैसे बनाएँ?
अच्छे नतीजे के लिए निर्देश कैसे लिखें?
मेरे टेस्ट से एक बात साफ हुई कि छोटा और धुँधला निर्देश हर बार अच्छा नतीजा नहीं देता। अगर आप किसी चीज़ की असली जैसी तस्वीर चाहते हैं, तो सिर्फ “एक स्मार्टफोन की तस्वीर बनाओ” लिखने की जगह ज़रूरी बातें खोलकर बताना बेहतर है।
क्या Nano Banana 2.1 पेशेवर काम की तस्वीरों के लिए अच्छा है?
मेरे 10 टेस्ट के आधार पर मेरा जवाब है: हाँ, लेकिन बिना जाँचे अंतिम डिज़ाइन की तरह नहीं।
प्रोडक्ट विज्ञापन और असली जैसी डेस्क जैसे सीन में मुझे बहुत अच्छे नतीजे मिले। लेकिन इन्फोग्राफिक के ढाँचे और एक साथ कई बदलावों में कमियाँ भी साफ दिखीं।
इसलिए मुझे यह ब्लॉग की तस्वीरें, सोशल मीडिया के पोस्ट, नए आइडिया दिखाने वाली तस्वीरें, प्रोडक्ट के नमूने और थंबनेल जैसे कामों के लिए काफी काम का लगा। किसी बड़े पेशेवर अभियान में AI की बनाई तस्वीर छापने से पहले किसी इंसान से उसे ज़रूर जँचवाइए।
क्या AI की बनाई तस्वीर पर वॉटरमार्क आता है?
Google के अनुसार Gemini Apps से बनी तस्वीरों पर दिखने वाला वॉटरमार्क लग सकता है। Google की मौजूदा Help जानकारी के मुताबिक भारत में दिखने वाले वॉटरमार्क की सेटिंग सिर्फ AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है। बाकी यूज़र्स की Gemini Apps से बनी तस्वीरों पर दिखने वाला वॉटरमार्क अपने आप लग सकता है।
Google यह भी बताता है कि AI की बनाई चीज़ों में अदृश्य SynthID और Content Credentials जैसी पहचान की जानकारी भी हो सकती है।
क्या Nano Banana 2.1 बिल्कुल सही है?
नहीं। और मेरे हिसाब से इस पूरे टेस्ट का सबसे ज़रूरी निष्कर्ष यही है।
Google का आधिकारिक मॉडल कार्ड भी कुछ कमियाँ मानता है। इनमें कभी-कभी जगह या दिशा को लेकर उलझन, इंसान या चीज़ की मुद्रा में बार-बार आने वाली दिक्कतें, और गहरी दुनियावी जानकारी, 3D सोच और तथ्यों की सटीकता में कमज़ोरी शामिल हैं।
मेरे टेस्ट 5 में स्मार्टफोन के टिकने और स्क्रीन की बनावट में जो गड़बड़ी आई, वह ऐसी ही एक व्यावहारिक कमी का उदाहरण हो सकती है। लेकिन मैं उसे सीधे Google की बताई हुई कमी नहीं कहूँगा, क्योंकि वह मेरे अपने एक टेस्ट का नतीजा था।
मेरा अंतिम फैसला: क्या Nano Banana 2.1 अच्छा है?
मेरे 10 टेस्ट के बाद मेरा अनुभव मिला-जुला रहा, लेकिन कुल मिलाकर अच्छा।
मेरे टेस्ट में सबसे अच्छा तरीका यह रहा:
यानी पहली तस्वीर को अंतिम मान लेने की जगह उसे शुरुआत की तरह लेना ज़्यादा काम का है।
मेरे 10 टेस्ट का सबसे ईमानदार निष्कर्ष
अगर मुझे पूरा अनुभव एक लाइन में कहना हो, तो मैं यही कहूँगा:
मेरे Gemini 3.6 Flash वाले टेस्ट से साफ हुआ कि Nano Banana 2.1 और उससे जुड़े Gemini के तस्वीर बनाने के तरीके अब सिर्फ “AI से तस्वीर बनाओ” वाले औज़ार नहीं रहे। सही निर्देश और छोटे-छोटे चरणों में बदलाव के साथ ये काफी काम के सहायक बन चुके हैं। लेकिन पूरी सटीकता के लिए इंसान की जाँच अब भी ज़रूरी है।
मेरे लिए इसकी सबसे बड़ी ताकत असली जैसी तस्वीर बनाना और बातचीत से बदलाव करना रही। और सबसे बड़ी कमज़ोरी हर बार सटीक निर्देश का पालन न कर पाना रही।
इसलिए इसे जादुई डिज़ाइनर मानने की जगह एक ताकतवर रचनात्मक सहायक की तरह इस्तेमाल करना ज़्यादा सही है।
मेरी आखिरी बात
इस टेस्ट में मैंने जानबूझकर सिर्फ अच्छे नतीजे नहीं दिखाए। मैंने खराब नतीजा भी रखा, उसे ठीक करने की कोशिश भी दिखाई, और एक ऐसा टेस्ट भी रखा जिसमें मॉडल मेरी उम्मीद के मुताबिक बदलाव नहीं कर पाया।
क्योंकि किसी AI टूल की असली उपयोगिता सिर्फ उसकी सबसे सुंदर तस्वीर देखकर नहीं समझी जा सकती।
अच्छा नतीजा क्या है, गड़बड़ी कहाँ होती है और गड़बड़ी के बाद उसे कैसे सुधारा जा सकता है — मेरे लिए इस पूरे टेस्ट की यही सबसे काम की सीख रही।
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आधिकारिक संदर्भ
Google DeepMind — Nano Banana 2.1 Model Card:
https://deepmind.google/models/model-cards/nano-banana-2-1/
Google AI for Developers — Nano Banana 2.1:
https://ai.google.dev/gemini-api/docs/models/gemini-nano-banana-2.1
Google AI for Developers — Image Generation:
https://ai.google.dev/gemini-api/docs/image-generation
Google AI for Developers — Gemini API Pricing:
https://ai.google.dev/gemini-api/docs/pricing
Google AI for Developers — Gemini Deprecations:
https://ai.google.dev/gemini-api/docs/deprecations
Google Gemini Help — Generate & Edit Images:
https://support.google.com/gemini/answer/14286560
Google Gemini Help — Watermark Settings:
https://support.google.com/gemini/answer/17405358







