UPI में 15 अक्टूबर 2026 से क्या बदलेगा, और आपके लिए क्या नहीं बदलेगा)
अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी और UPI ऐप से रोज़ पैसे भेजते हैं, तो आपने सुना होगा कि 15 अक्टूबर 2026 से UPI पर शुल्क लगने वाला है। सच क्या है?
आम UPI उपयोगकर्ता से कोई नया शुल्क नहीं लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक UPI उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ़्त रहेगा। 15 अक्टूबर से सिर्फ़ चुनिंदा दुकानदार भुगतानों पर, जहाँ रकम ₹2,000 से ऊपर है, 0.4% MDR लगेगा, और वो दुकानदार की तरफ से जाएगा। दोस्त या परिवार को पैसे भेजना हर रकम पर मुफ़्त रहेगा।
MDR का मतलब है Merchant Discount Rate, यानी दुकानदार को UPI से पैसे लेने पर देना पड़ने वाला खर्च। केंद्र सरकार के बयान के मुताबिक ये बैंकों, भुगतान कंपनियों और UPI ऐप चलाने वालों के बीच बँटता है, और सरकार का टैक्स नहीं है।
इस लेख में रकम के उदाहरणों, दो चित्रों और चार सवालों के ज़रिए आसानी से समझेंगे कि किस भुगतान पर MDR लगेगा, किस पर नहीं, और आपको क्या करना है।
इस लेख में (11 हिस्से)
- एक नज़र में पूरा नियम
- 0.4% MDR कैसे गिना जाता है
- क्या ₹2,001 देते ही ₹8 कट जाएगा?
- P2P और P2M में क्या फ़र्क है?
- आपके भुगतान पर MDR लगेगा या नहीं
- क्या ₹2,000 UPI की नई लिमिट है?
- Google Pay, PhonePe और Paytm वाले क्या करें?
- ₹5,000 के भुगतान का उदाहरण
- 15 अक्टूबर को लेकर अभी क्या स्थिति है?
- आम उपयोगकर्ता अभी क्या करें?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एक नज़र में पूरा नियम
| भुगतान | MDR लगेगा? | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| दोस्त या परिवार को पैसे भेजना (किसी भी रकम) | नहीं | व्यक्ति से व्यक्ति के भुगतान पर नया शुल्क नहीं है। |
| दुकानदार को ₹2,000 या कम | नहीं | MDR की शुरुआत ₹2,000 से ऊपर से होती है। |
| पात्र छोटे दुकानदार (UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक) | नहीं | शून्य MDR जारी रहेगा, ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर भी। |
| चुनिंदा दुकानदार को ₹2,000 से ऊपर | 0.4% | दुकानदार की तरफ का खर्च। |
| ₹75,000 या ज़्यादा का चुनिंदा भुगतान | अधिकतम ₹300 | इससे ज़्यादा MDR नहीं। |
| रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन, खेती का सामान (₹2,000 से ऊपर) | ₹5 तय | 0.4% की जगह तय रकम। |
| म्यूचुअल फंड, शेयर, ब्रोकर | 0.02% | अधिकतम ₹300। |
| आपकी तरफ से कोई UPI शुल्क | नहीं | ऐप या दुकानदार ग्राहक से अलग शुल्क नहीं ले सकते। |
0.4% MDR कैसे गिना जाता है
जिन भुगतानों पर MDR लागू होता है, वहाँ भुगतान की रकम का 0.4% गिना जाता है। जैसे ₹3,000 के भुगतान पर ₹12। नीचे के चित्र में कुछ रकमों के हिसाब देखिए।
ये रकमें समझाने के लिए हैं। इनका मतलब ये नहीं कि इतना पैसा आपके खाते से अलग से कटेगा। MDR दुकानदार की तरफ का खर्च है।
क्या ₹2,001 देते ही ₹8 कट जाएगा?
नहीं। ₹2,001 का भुगतान किसी चुनिंदा दुकानदार को करने पर MDR की गणना ₹8 बनती है, पर वो आपके खाते से अलग से नहीं कटता। आप ₹2,001 ही देंगे।
वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक बैंकों को कहा गया है कि दुकानदार MDR ग्राहकों पर न डालें, और UPI ऐप कंपनियों को प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस या कोई छिपा शुल्क लगाने की रोक है।
(Caption: मेरे फोन का स्क्रीनशॉट: UPI से भुगतान करते समय सिर्फ़ भुगतान की रकम दिखती है।)
P2P और P2M में क्या फ़र्क है?
पूरे नियम को समझने के लिए दो शब्द याद रखिए। P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति, और P2M यानी व्यक्ति से दुकानदार।
- P2P
- आपने भाई को ₹10,000 भेजे। ये व्यक्ति से व्यक्ति का भुगतान है, इसमें कोई नया शुल्क नहीं है।
- P2M
- आपने किसी दुकान से ₹10,000 का सामान लिया और UPI से भुगतान किया। रकम ₹2,000 से ऊपर है, इसलिए अगर दुकानदार चुनिंदा श्रेणी में आता है तो उसकी तरफ से MDR लग सकता है।
आपके भुगतान पर MDR लगेगा या नहीं
हर दुकान पर 0.4% नहीं लगता। छोटे पात्र दुकानदारों को छूट है और कुछ क्षेत्रों में दर अलग है। चार सवालों से अपना मामला जाँच लीजिए:
क्या ₹2,000 UPI की नई लिमिट है?
नहीं। ₹2,000 कोई ऐसी सीमा नहीं है जिसके बाद UPI से भुगतान नहीं हो सकता। ये सिर्फ़ MDR की शुरुआत की रकम है। बैंक और UPI ऐप की अपनी रोज़ाना सीमाएँ अलग होती हैं।
- दुकान पर ₹1,500 या ₹2,000: MDR नहीं।
- चुनिंदा दुकानदार को ₹2,001: MDR की गणना शुरू होती है।
- दोस्त को ₹50,000: व्यक्ति से व्यक्ति का भुगतान, नया MDR नहीं।
Google Pay, PhonePe और Paytm वाले क्या करें?
फ़िलहाल कुछ बदलने की ज़रूरत नहीं है। ये नियम किसी UPI ऐप को बंद नहीं करता। फ़र्क इससे पड़ता है कि भुगतान किसे जा रहा है और वो दुकानदार किस श्रेणी में आता है।
अगर कोई ऐप या दुकानदार अलग से शुल्क माँगे, तो उसका स्क्रीनशॉट रख लें और अपने बैंक या ऐप की शिकायत व्यवस्था में बताएँ। मंत्रालय के बयान के मुताबिक ग्राहक पर ऐसा शुल्क डालना नियम के खिलाफ है।
₹5,000 के भुगतान का उदाहरण
मान लीजिए आपने किसी बड़े स्टोर से ₹5,000 का सामान लिया और UPI से भुगतान किया। अगर वो स्टोर इस ढांचे में आता है, तो 0.4% के हिसाब से MDR ₹20 बनता है।
आपके खाते से ₹5,000 ही कटेंगे। ₹20 स्टोर की तरफ का खर्च है, इसे अपनी UPI फ़ीस न समझें।
(Caption: मेरे फोन का स्क्रीनशॉट: UPI ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री में भुगतान की रकम।)
15 अक्टूबर को लेकर अभी क्या स्थिति है?
नए ढांचे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। लेकिन 5 अक्टूबर 2026 तक इस पर कोई अंतरिम रोक नहीं है।
आम उपयोगकर्ता अभी क्या करें?
- UPI ऐप बदलने की ज़रूरत नहीं। रोज़ के भुगतान पहले की तरह करें।
- व्यक्ति और दुकानदार का फ़र्क याद रखें। दोस्त को भेजना और दुकान को देना अलग श्रेणियाँ हैं।
- ₹2,000 को UPI की लिमिट न समझें। ये सिर्फ़ MDR की शुरुआत की रकम है।
- अलग शुल्क दिखे तो कारण देखें। MDR और ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क एक चीज़ नहीं हैं।
- 15 अक्टूबर के आसपास खबर दोबारा देखें। कोर्ट या सरकार का नया आदेश आ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 15 अक्टूबर 2026 से हर UPI भुगतान पर शुल्क लगेगा?
नहीं। व्यक्ति से व्यक्ति के भुगतान और ₹2,000 तक के दुकानदार भुगतान पर MDR नहीं है। MDR सिर्फ़ चुनिंदा दुकानदार भुगतानों पर लागू होगा, और सरकार के मुताबिक करीब 96% दुकानदार भुगतान प्रभावित नहीं होंगे।
क्या ₹2,001 का भुगतान करने पर मेरे खाते से अलग से पैसा कटेगा?
नहीं। MDR दुकानदार की तरफ का खर्च है। आपके खाते से सिर्फ़ भुगतान की रकम कटेगी।
क्या दोस्त को ₹50,000 भेजने पर नया MDR लगेगा?
नहीं। व्यक्ति से व्यक्ति के भुगतान पर, रकम कितनी भी हो, नया MDR नहीं है।
क्या ₹2,000 UPI की अधिकतम भुगतान सीमा है?
नहीं। ₹2,000 यहाँ सिर्फ़ MDR की शुरुआत की रकम है। बैंक या ऐप की अपनी लेन-देन सीमा अलग हो सकती है।
क्या हर दुकानदार पर 0.4% MDR लगेगा?
नहीं। पात्र छोटे दुकानदार (UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक पाने वाले) के लिए शून्य MDR जारी है, और कुछ क्षेत्रों में दर अलग है।
क्या दुकानदार MDR का पैसा मुझसे माँग सकता है?
नहीं। वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक बैंकों को कहा गया है कि दुकानदार MDR ग्राहकों पर न डालें, और UPI ऐप प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस या कोई छिपा शुल्क नहीं लगा सकते।
क्या UPI AutoPay और बिल के ऑटोमैटिक भुगतान पर MDR लगेगा?
सरकारी जानकारी के सार के मुताबिक UPI AutoPay और मैंडेट इस MDR के दायरे से बाहर बताए गए हैं। अपने बैंक या ऐप से पक्का कर लें।
क्या Google Pay, PhonePe और Paytm बंद हो जाएँगे?
नहीं। ये UPI ऐप को बंद करने वाला नियम नहीं है।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने इस नियम पर रोक लगा दी है?
नहीं। 28 सितंबर 2026 को अदालत ने अंतरिम रोक से इनकार किया और केंद्र, RBI तथा NPCI से चार हफ़्ते में जवाब माँगा। मामला अभी अदालत में है।
निष्कर्ष
15 अक्टूबर 2026 से UPI में MDR की खबर को "अब UPI पर शुल्क लगेगा" समझना सही नहीं है। बदलाव कुछ चुनिंदा दुकानदार भुगतानों से जुड़ा है, जहाँ रकम ₹2,000 से ऊपर है। व्यक्ति से व्यक्ति का भुगतान मुफ़्त रहेगा, और MDR दुकानदार की तरफ का खर्च है, आपकी UPI फ़ीस नहीं।
आम उपयोगकर्ता को ऐप बदलने या UPI इस्तेमाल बंद करने की ज़रूरत नहीं है। बस 15 अक्टूबर के आसपास कोर्ट या सरकार का कोई नया आदेश आए तो खबर दोबारा देख लें।
भारत में Apple Pay और UPI का फ़र्क समझना है? हमारी गाइड देखें: Apple Pay India 2026: कैसे सेट करें, कौन से कार्ड चलेंगे और भुगतान कैसे करें
ये लेख आम जानकारी के लिए है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। नियम और अदालती मामला बदल सकते हैं, इसलिए ताज़ा स्थिति के लिए सरकारी और NPCI की घोषणाएँ देखें।
स्रोत और आगे पढ़ें
- वित्त मंत्रालय / PIB: UPI का MDR ढांचा₹2,000 की सीमा और 0.4% MDR।
- वित्त मंत्रालय / PIB (हिंदी): UPI का MDR ढांचाव्यक्ति से व्यक्ति के भुगतान और छोटे दुकानदारों के लिए शून्य MDR।
- NPCI: UPI सर्कुलरUPI के आधिकारिक सर्कुलर।
- Business Today: 15 अक्टूबर से 0.4% MDRढांचे का सार (15 सितंबर 2026)।
- SCC Online: UPI उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ़्तमंत्रालय का स्पष्टीकरण।
- ThePrint (PTI): सुप्रीम कोर्ट ने रोक से इनकार किया28 सितंबर 2026 की सुनवाई।
- Business Today: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाईकेंद्र, RBI और NPCI को नोटिस।


