Android Fake Call Detection

Android Fake Call Detection क्या है, यह Phone by Google में कैसे काम करता है, किन Android phones पर उपलब्ध है और warning आने पर क्या करना चाहिए—पूरी ज
Android Fake Call Detection में contact call और silent verification का illustration

अगर आपके फोन पर किसी जान-पहचान वाले के नाम से कॉल आए, तो क्या सिर्फ़ स्क्रीन पर दिखा नाम और आवाज़ देखकर उस पर भरोसा किया जा सकता है? Google की फर्जी कॉल की पहचान (Fake Call Detection) सुविधा इसी खतरे के लिए बनी है। यह किसी संपर्क की नकल करने वाली और संदिग्ध रूप से बदली गई कॉल के खिलाफ़ सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ती है।

एक नज़र में:
इस सुविधा को सीधे “AI आवाज़ पहचानने वाला यंत्र” समझना सही नहीं है। Google के बताए तरीके में कॉल करने वाले और कॉल पाने वाले, दोनों के फोन के बीच एक चुप संकेत भेजा जाता है, जिससे कॉल के असली होने की पुष्टि करने में मदद मिलती है।

फर्जी कॉल की पहचान (Fake Call Detection) क्या है?

फर्जी कॉल की पहचान Phone by Google में मिलने वाली एक सुरक्षा सुविधा है। इसका मकसद संपर्क बनकर की जाने वाली ठगी और नकली तरीके से बदली गई कॉल से बचाव में मदद करना है।

मान लीजिए आपकी संपर्क सूची में राहुल का नंबर सेव है। आपके फोन पर कॉल आती है और स्क्रीन पर “राहुल” लिखा दिखता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कॉल सच में राहुल के फोन से आ रही है?

कॉलर आईडी की हेराफेरी (स्पूफिंग) से ठग किसी भरोसेमंद व्यक्ति जैसी पहचान दिखाने की कोशिश कर सकता है। Google के अनुसार ऐसी स्थिति में यह सुविधा यह जाँचने में मदद कर सकती है कि कॉल असल में उस संपर्क के फोन से आ रही है या नहीं। इसके लिए कॉल करने वाले और कॉल पाने वाले, दोनों के फोन में Phone by Google होना ज़रूरी है।

आसान भाषा में: स्क्रीन पर किसका नाम दिख रहा है, यह एक बात है। यह सुविधा इस बात की जाँच में मदद करती है कि कॉल सच में उसी व्यक्ति के फोन से आ रही है या नहीं।

कॉलर आईडी स्पूफिंग क्या है?

कॉलर आईडी स्पूफिंग में कॉल करने वाला ऐसा नंबर या नाम दिखाने की कोशिश करता है, जिससे सामने वाले को लगे कि कॉल किसी भरोसेमंद व्यक्ति या संस्था की है।

आपके फोन पर

“Mom”
आती हुई कॉल

असल में

ठग
आपके संपर्क की पहचान की नकल करने की कोशिश

ध्यान रखें

सिर्फ़ कॉलर आईडी को पहचान का पक्का सबूत न मानें।

AI से बनाई गई आवाज़ का इससे क्या संबंध है?

कॉलर आईडी स्पूफिंग और AI से आवाज़ की नकल (वॉयस क्लोनिंग) दो अलग चीज़ें हैं।

कॉलर आईडी स्पूफिंग

नंबर या दिखाए गए नाम को भरोसेमंद बनाकर पेश करने की कोशिश।

AI से आवाज़ की नकल

किसी व्यक्ति जैसी आवाज़ बनाने या उसकी नकल करने की कोशिश।

फर्जी कॉल की पहचान

फोन के स्तर पर पुष्टि करने वाली अतिरिक्त सुरक्षा परत।

Google इस सुविधा को AI डीपफेक और आवाज़ की नकल वाली ठगी के खिलाफ़ अतिरिक्त सुरक्षा बताता है। लेकिन इसका बताया गया तकनीकी तरीका आवाज़ सुनकर यह तय करना नहीं है कि वह “AI की आवाज़” है।

Android में फर्जी कॉल की पहचान कैसे काम करती है?

Google ने इस तरीके को एक तरह का डिजिटल हैंडशेक बताया है। जब कोई संपर्क आपको कॉल करता है और दोनों के फोन में Phone by Google हो, तो कॉल करने वाले का फोन उसी समय आपके फोन को एक चुप पुष्टि-संकेत भेजता है।

कॉल की पुष्टि कैसे होती है

नीचे के बटन दबाकर असली और संदिग्ध नकली कॉल की प्रक्रिया देखें।

संपर्क का फोन Phone by Google से कॉल
चुप संकेत उसी समय पुष्टि
आपका फोन कॉल की जाँच में मदद

Google के अनुसार यह डिजिटल हैंडशेक शुरू से अंत तक एन्क्रिप्टेड RCS तकनीक पर चलता है।

ठग संपर्क की पहचान की नकल करने की कोशिश
संकेत नहीं मिला अपेक्षित पुष्टि नहीं आती
दोबारा जाँच असली संपर्क के फोन से पूछताछ

अगर असली संपर्क का फोन बताता है कि वह कॉल नहीं कर रहा, तो Google के अनुसार आपको चेतावनी दिखाई जा सकती है और कॉल काट देने की सलाह मिल सकती है।

क्या यह सुविधा आवाज़ सुनकर AI की आवाज़ पहचानती है?

नहीं, इसे सीधे AI आवाज़ पहचानने वाली सुविधा समझना सही नहीं है।

Google की आधिकारिक जानकारी में इस सुविधा के लिए फोन से फोन के बीच चुप पुष्टि-संकेत का तरीका बताया गया है। यह नहीं कहा गया कि Phone by Google आपकी आवाज़ सुनकर तय करता है कि आवाज़ AI की बनाई है या असली।

इसलिए “Google आपकी आवाज़ जाँचकर डीपफेक पकड़ता है” कहना इस सुविधा के बताए गए तरीके का सही वर्णन नहीं होगा।

किन Android फोन में यह सुविधा काम करती है?

Google के मौजूदा सहायता पेज के अनुसार इस सुविधा के लिए Android 12 या उससे नया संस्करण, Phone by Google, Contacts और Google Messages इंस्टॉल होना चाहिए। Google Messages में RCS चालू होना भी शर्तों में शामिल है।

ज़रूरत क्या चाहिए
Android संस्करण Android 12 या उससे नया
फोन ऐप Phone by Google
संपर्क ऐप Contacts इंस्टॉल हो
मैसेजिंग Google Messages
RCS Google Messages में RCS चालू

Google ने 2 जून 2026 को बताया था कि यह सुविधा Android 12 और उससे नए फोन के लिए दुनिया भर में लाई जा रही है, और इसकी शुरुआत Pixel फोन से हुई।

ज़रूरी बात: बताई गई शर्तें पूरी होना और आपके फोन में सुविधा का ठीक वैसा ही रूप दिखना एक ही बात नहीं है। इसलिए सिर्फ़ Android संस्करण देखकर सुविधा के पक्के तौर पर मिलने की गारंटी न मानें।

अपने फोन में क्या-क्या जाँचें?

1. Android संस्करण जाँचें

Settings → About phone → Android version में संस्करण देखें। Google की बताई शर्त Android 12 या उससे नया है।

OnePlus 7 के About Phone में Android 12 version दिखाई दे रहा है

2. Phone by Google जाँचें

देखें कि Phone by Google इंस्टॉल है और ज़रूरत हो तो उसे डिफ़ॉल्ट फोन ऐप बनाया गया है। Google की घोषणा के अनुसार जिन फोन में कोई और फोन ऐप चलता है, उनमें Phone by Google को Play Store से इंस्टॉल करके डिफ़ॉल्ट बनाया जा सकता है।

3. Caller ID & spam की सेटिंग जाँचें

Phone by Google में Phone → ⋮ → Settings → Caller ID & spam खोलें। Google के मौजूदा सहायता पेज में इस सुविधा के साथ कॉलर की पहचान छिपाने या संपर्क की नकल होने पर चेतावनी का ज़िक्र है।

OnePlus 7 के Phone by Google में Caller ID and spam protection setting

मेरी जाँच: OnePlus 7 के Phone by Google में “See caller ID and spam” चालू था। “Filter spam calls” एक अलग सेटिंग है और मैंने उसे चालू नहीं किया था।

4. Contacts जाँचें

Google की बताई शर्तों में Contacts भी शामिल है। इसलिए देखें कि आपके फोन में सेव किए हुए संपर्क मौजूद हैं या नहीं।

5. Google Messages जाँचें

Google Messages का इंस्टॉल होना इस सुविधा की बताई गई शर्तों में शामिल है।

6. RCS की स्थिति जाँचें

Google Messages में Profile photo → Messages settings → RCS chats खोलें और RCS की स्थिति देखें। Google के सहायता पेज के अनुसार Google Messages में RCS चालू होना ज़रूरी है।

Google Messages में RCS chats connected status दिखाई दे रहा है

मेरी जाँच: OnePlus 7 पर दोनों SIM के लिए RCS की स्थिति “Connected” दिखी।

मैंने खुद क्या जाँचा?

Google की जानकारी पढ़ने के बाद मैंने अलग-अलग Android फोन पर बताई गई शर्तों को असल में जाँचा।

OnePlus 7 — Android 12

  • ✓ Android 12
  • ✓ Phone by Google
  • ✓ डिफ़ॉल्ट फोन ऐप
  • ✓ Caller ID & spam चालू
  • ✓ Google Messages
  • ✓ RCS Connected
  • ✓ Contacts
  • ◌ फर्जी कॉल की पहचान का अलग विकल्प नहीं दिखा

Android 16 वाला फोन

  • ✓ Phone by Google
  • ✓ Caller ID & spam जाँचा
  • ✓ Google Messages
  • ✓ RCS Connected
  • ✓ Contacts
  • ◌ फर्जी कॉल की पहचान का अलग विकल्प नहीं दिखा
मेरी जाँच का निष्कर्ष: बताई गई शर्तें पूरी होने के बावजूद जिन फोन को मैंने जाँचा, उन पर “Fake Call Detection” नाम का अलग विकल्प नहीं दिखा। सिर्फ़ इस अनुभव के आधार पर मैं यह पक्का नहीं कह रहा कि सुविधा उपलब्ध है या नहीं।

फर्जी कॉल की पहचान और Scam Detection में क्या अंतर है?

बिंदु फर्जी कॉल की पहचान Scam Detection
मुख्य उद्देश्य संपर्क की नकल और संदिग्ध रूप से बदली गई कॉल संभावित ठगी वाली कॉल के दौरान चेतावनी
मुख्य तरीका फोन से फोन की पुष्टि फोन के भीतर चलने वाली मशीन लर्निंग
कहाँ उपलब्ध Phone by Google चुने हुए Google Pixel फोन
डिफ़ॉल्ट स्थिति Google के अनुसार चालू और पृष्ठभूमि में अपने-आप चलती है डिफ़ॉल्ट रूप से बंद, उपयोगकर्ता खुद चालू करता है
भारत में Google ने Android 12 और नए फोन के लिए शुरुआत बताई Pixel 9 और उसके बाद के फोन पर सूचीबद्ध

Google के मौजूदा Scam Detection सहायता पेज के अनुसार यह सुविधा सिर्फ़ Google Pixel फोन पर काम करती है। भारत के लिए Pixel 9 और उसके बाद के फोन सूचीबद्ध हैं। Google यह भी साफ़ कहता है कि हर ठगी वाली कॉल पकड़ी नहीं जा सकती और Scam Detection सौ प्रतिशत सटीक नहीं है।

Scam Detection फोन के भीतर ही डेटा को प्रोसेस करता है। Pixel 9 और उसके बाद के फोन के लिए Google इसे Gemini Nano से चलने वाला बताता है।

चेतावनी आए तो क्या करें?

अगर फोन पर चेतावनी आती है कि कॉल करने वाला शायद आपके संपर्क की पहचान की नकल कर रहा है, तो उसे अनदेखा करके पैसे भेजना या निजी जानकारी देना सही नहीं है।

1

रुकें

संदिग्ध कॉल पर तुरंत भरोसा करके आगे न बढ़ें।

2

पुष्टि करें

किसी दूसरे नंबर या मैसेजिंग ऐप से उस व्यक्ति से पूछकर पक्का करें।

3

सुरक्षित रहें

OTP, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड की जानकारी किसी को न दें।

क्या यह सुविधा हर ठगी वाली कॉल पहचान सकती है?

नहीं। इसे हर तरह की धोखाधड़ी वाली कॉल पकड़ने वाली सुविधा नहीं समझना चाहिए।

Google इसे खास तौर पर संदिग्ध रूप से बदली गई कॉल और संपर्क की नकल के खिलाफ़ सुरक्षा के रूप में बताता है। कुछ ठगी अनजान नंबरों, मैसेजिंग ऐप या बातों में फँसाने के तरीकों से भी की जा सकती है।

याद रखें: फोन पर चेतावनी न आने का मतलब यह नहीं कि कॉल करने वाला असली है। कोई भी सुरक्षा सुविधा हर संभावित ठगी को रोकने की गारंटी नहीं देती।

इस सुविधा में निजता का क्या हाल है?

Google अपनी जानकारी में बताता है कि पुष्टि के लिए इस्तेमाल होने वाला डिजिटल हैंडशेक शुरू से अंत तक एन्क्रिप्टेड RCS तकनीक पर आधारित है।

साथ ही, Caller ID & spam सुरक्षा को अलग समझना ज़रूरी है। Google के सहायता पेज के अनुसार कॉल से जुड़ी कुछ जानकारी Google को भेजी जा सकती है, ताकि कॉल करने वाले की पहचान या उसके स्पैम होने की स्थिति तय करने में मदद मिल सके। Google यह भी कहता है कि उसे आपकी संपर्क सूची से फोन नंबर नहीं मिलते।

इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि “Google को कॉल की कोई जानकारी कभी नहीं मिलती।” अलग-अलग सुरक्षा सुविधाओं में डेटा संभालने का तरीका अलग हो सकता है।

अगर मेरे फोन में यह विकल्प नहीं दिखे तो?

मेरी जाँच में OnePlus 7 और Android 16 वाले फोन पर Google की बताई शर्तें जाँचने के बाद भी फर्जी कॉल की पहचान की अलग सेटिंग दिखाई नहीं दी।

सिर्फ़ सेटिंग न दिखने से यह अंतिम नतीजा निकालना सही नहीं है कि सुविधा पक्के तौर पर उपलब्ध नहीं है। पहले Android संस्करण, Phone by Google, Contacts, Google Messages और RCS की जाँच करें।

ठगी से बचने का 30 सेकंड का नियम

जब किसी जान-पहचान वाले के नाम से अचानक ऐसी कॉल आए जिसमें पैसे, OTP या निजी जानकारी माँगी जा रही हो, तो खुद से तीन सवाल पूछें:

  1. क्या मुझे इस तरह की मदद माँगे जाने की उम्मीद थी?
  2. क्या मैं किसी दूसरे तरीके से उस व्यक्ति की पुष्टि कर सकता हूँ?
  3. क्या कॉल करने वाला मुझ पर जल्दी फैसला लेने का दबाव बना रहा है?

अगर स्थिति संदिग्ध लगे, तो पहले खुद अलग से पुष्टि करें।

आम सवाल

क्या Android 12 में यह सुविधा मिलती है?
Google की जानकारी के अनुसार Android 12 या उससे नया संस्करण इसकी शर्तों में शामिल है। इसके साथ Phone by Google, Contacts, Google Messages और RCS की ज़रूरत बताई गई है।
क्या Phone by Google होना ज़रूरी है?
हाँ। Google इस सुविधा को Phone by Google की सुविधा के रूप में बताता है, और कॉल करने वाले व दूसरी तरफ़ के व्यक्ति, दोनों के पास यह होना चाहिए।
क्या Google Messages ज़रूरी है?
हाँ। Google की मौजूदा शर्तों में Google Messages का इंस्टॉल होना शामिल है।
क्या RCS चालू होना चाहिए?
हाँ। Google की जानकारी के अनुसार Google Messages में RCS चालू होना चाहिए।
क्या यह सुविधा AI की आवाज़ पहचानती है?
इसे सीधे AI आवाज़ पहचानने वाली सुविधा समझना सही नहीं है। Google के बताए तरीके में फोन से फोन के बीच चुप पुष्टि-संकेत की मुख्य भूमिका है।
क्या फर्जी कॉल की पहचान और Scam Detection एक ही हैं?
नहीं। दोनों अलग सुविधाएँ हैं और उनका उद्देश्य तथा काम करने का तरीका अलग है।
मेरे फोन में यह विकल्प नहीं दिख रहा। क्या सुविधा काम नहीं करती?
सिर्फ़ सेटिंग न दिखने से अंतिम नतीजा निकालना सही नहीं है। पहले Google की बताई शर्तें जाँचें। अलग सेटिंग न दिखे, तो भी सिर्फ़ इसी आधार पर सुविधा के उपलब्ध होने या न होने का पक्का फैसला न करें।
चेतावनी नहीं आई तो क्या कॉल सुरक्षित है?
नहीं। चेतावनी न आने का मतलब यह गारंटी नहीं है कि कॉल करने वाला असली है।

अंतिम निष्कर्ष

Android की फर्जी कॉल की पहचान Google की ऐसी सुरक्षा सुविधा है, जो संपर्क की नकल और संदिग्ध रूप से बदली गई कॉल से बचाने में मदद के लिए बनाई गई है।

Google के अनुसार जब कॉल करने वाला और कॉल पाने वाला, दोनों Phone by Google इस्तेमाल करते हैं, तो सिस्टम दोनों फोन के बीच चुप पुष्टि-संकेत से कॉल के असली होने की जाँच में मदद कर सकता है। संदिग्ध नकल की स्थिति में उपयोगकर्ता को चेतावनी मिल सकती है।

लेकिन इसे AI आवाज़ पहचानने वाली सुविधा या हर ठगी वाली कॉल पकड़ने वाली प्रणाली समझना सही नहीं है।

सबसे काम की बात: सिर्फ़ कॉलर आईडी पर भरोसा न करें। अगर कोई जान-पहचान वाला बनकर आपात स्थिति में पैसे, OTP या निजी जानकारी माँगे, तो कॉल की पुष्टि किसी दूसरे तरीके से करें।

इस लेख की शर्तों और काम करने के तरीके की जानकारी के लिए Google Security Blog, Google Phone सहायता पेज,    

Caller ID & spam सुरक्षा का सहायता पेज 

और Scam Detection का

आधिकारिक सहायता पेज देखें।

About the author

Ketan Patadiya
Ketan Patadiya is the founder and technology writer behind Tech With Ketan, an independent technology website covering Android, Google apps, AI tools, cybersecurity awareness, tutorials, and practical digital security. He focuses on explaining techn…

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